वो खुशी की नहीं… दर्द छुपाने की आदत है।
वरना उसके दिल में रोज़ तूफ़ान उठते हैं।
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
देखते है पहले कौन मिलता है, हमे दोनो का इंतजार है…!
दरख़्त-ए-नीम हु मै मेरे नाम से घबराहट हो गई,
चाहकर भी उनसे नाता तोड़ा नहीं जा सकता।
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं..!!
नया कपड़ा क्या पहन लिया अब तो बात भी नही करते…!
और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,
यादें वो आईना हैं जिन्हें मिटा नहीं Sad Shayari in Hindi सकते,
हमारे भरोशे के तो सारे पत्ते जोकर निकले…!
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
दिल के ज़ख़्म फिर से ताज़ा हो जाते हैं।